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कम सोने वाले लोगों को हो सकता है डायबिटीज, हार्ट डिजीज का खतरा, इन बीमारियों का भी है रिस्क

Insufficient Sleep –  चैन से सोना, दिनभर खुश रहना.. ये बात हम सभी बचपन से सुनते आ रहे हैं, लेकिन आज की व्‍यस्‍त लाइफस्‍टाइल ने लोगों का चैन छीन लिया है. काम की टेंशन और दूसरी अन्‍य चिंताओं ने रातों की नींद उड़ा दी है. लोग अब देर से सोते हैं लेकिन सुबह जल्‍दी उठ जाते हैं. ऐसे में सात घंटे की नींद भी पूरी होना मुश्किल हो रहा है. भले ही आप अच्‍छा खानपान और डेली एक्‍सरसाइज करते हैं, लेकिन रात में सात घंटे से कम की अच्‍छी नींद न लेना आपकी सेहत पर बुरा असर डाल सकता है. तब आपकी सुबह की शुरुआत तो बुरी होगी ही साथ ही कम नींद लेने से आपका दिल भी कमजोर हो जाएगा. इतना ही नहीं पर्याप्‍त और अच्‍छी नींद न लेने की वजह से आपकी मेमोरी भी वीक हो सकती है. आपको आगे चलकर मूड स्विंग और चिड़चिड़ापन जैसी समस्‍या भी हो सकती है.

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हेल्‍थलाइन के मुताबिक एक अच्‍छा नियमित नींद पैटर्न आपको हार्ट अटैक के खतरे से बचाता है. एक नए अध्‍ययन से पता चला है कि अनियमित नींद पैटर्न वाले लोगों में हृदय रोग यानी CVD का खतरा नियमित नींद लेने वालों की तुलना में ज्‍यादा होता है. वृद्ध लोगों में सीवीडी का सबसे बड़ा कारण अनियमित नींद पैटर्न माना जाता है.

ब्लड शुगर का भी रिस्क
खराब नींद अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी समस्‍याओं को भी जन्‍म देती है. ये ब्‍लड शुगर और इनफ्लेमेशन जैसी बीमारियों का भी कारण है. इसलिए हमेशा ये सिफारिश की जाती है कि एक वयस्‍क को हर रात औसत 7 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए.

मोटापा, बीपी की शिकायत
कम नींद की वजह से मोटापा, डायबिटीज और हार्ट डिजीज होने का खतरा सबसे ज्‍यादा होता है. पर्याप्‍त और अच्‍छी नींद हृदय को स्‍वस्‍थ रखने के साथ-साथ टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्‍लड प्रेशर और डिप्रेशन को रोकने में भी मददगार होती है.

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जब नियमित नींद की कमी होती है, तब शरीर में लेप्टिन नामक हार्मोन कम हो जाता है. यह हार्मोन हमें बताता है कि हमारा पेट भर गया है. अब और नहीं खाना चाहिए. जब शरीर में लेप्टिन का स्‍तर कम होता है तो व्‍यक्ति ज्‍यादा खाना खाने लगता है, जिससे वजन बढ़ना शुरू हो जाता है. धीरे-धीरे ये प्रक्रिया रिपीट होने लगती है और आखिर में हृदय संबंधी रोगों को जन्म देता है.

Tags: Health, Heart Disease, Lifestyle

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